अपनी ऐशो-आराम भरी जिंदगी छोड़कर अमेरिका की एक महिला भारत के एक गांव में अपने पति के साथ सीधी-सादी जिंदगी गुजार रही है.
जी हां, यहां हम 41 वर्षीय एड्रियाना पेरल की बात कर रहे हैं, जो पिछले साल अगस्त में उस लड़के से मिलने कैलिफोर्निया से भारत आ पहुंची, जिससे उसकी मुलाकात फेसबुक के जरिए हुई थी. फेसबुक पर ही दोनों की दोस्ती परवान चढ़ी.
भारत आने के दो महीने बाद एड्रियाना ने अपने 25 वर्षीय प्रेमी मुकेश कुमार से ब्याह रचा लिया. एड्रियाना ने सिर्फ शादी ही नहीं की बल्कि वो मुकेश के परिवार में पूरी तरह रच बस गई हैं. हरियाणा के पानीपत के छोटे से गांव में एड्रियान बिलकुल उसी तरह से रह रही हैं जैसे बाकी के गांव वाले रहते हैं.
कैलिफोर्निया में अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने वाली, बेटी लूसी के साथ खूब शॉपिंग करने वाली और जिम जाने वाली एड्रियाना अब अपने ससुराल में झाड़ू लगाती हैं, खाना बनाती है और खेतों में भी काम करती हैं.
जिंदगी में आए इस बड़े बदलाव से एड्रियाना बेहद खुश हैं. कैलिफोर्निया के एक एक्यूपंक्चर सेंटर में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम कर चुकीं एड्रियाना कहती हैं, 'मुझे यहां मुकेश के साथ बहुत अच्छा लग रहा है. मैं इसके बदले दुनिया की कोई भी चीज कुर्बान कर सकती हूं'.
एड्रियाना कहती हैं कि अमेरिका में उनके कई सारे अफेयर रहे हैं, लेकिन उन्हें कभी सच्चा प्यार नहीं मिला. उन्होंने पिछले साल फरवरी में अपने से 16 साल छोटे मुकेश से फेसबुक के जरिए बातचीत करनी शुरू की. धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए और एक शाम मुकेश का फोन आया.
एड्रियाना कहती हैं, 'फोन पर ही मुकेश ने अपने प्यार का इजहार किया. मुझे मालूम नहीं था कि मैं कैसे प्रतिक्रिया दूं और पहले तो मैं बस हंस पड़ी. लेकिन जब हमने थोड़ी और बात की तो मुझे एहसास हुआ कि वह रिश्ते को लेकर गंभीर है. मैंने उससे कहा कि अगर वह मेरा दिल जीत लेगा तो मैं उससे शादी कर लूंगी. इसके बाद हमने तीन और हफ्तों तक बातचीत की और उसी दौरान मैंने तय कर लिया कि मुझे मुकेश के साथ रहना और मैं भारत जाने के लिए तैयार हूं'.
मुकेश से मिलने के लिए एड्रियाना को अपनी 25 साल की बेटी लूसी को अमेरिका में ही छोड़कर आना पड़ा. एड्रियाना के मुताबिक, 'जब मैंने लोगों को बताया कि मैं भारत जा रही हूं तो वे हैरान रह गए. मेरी बेटी रो रही थी. उसे चिंता सता रही थी कि कहीं मेरे साथ कुछ गलत ना हो जाए. उसका कहना था कि भारत महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है और फिर मुझे उसे समझाना पड़ा'.
'कुछ लोग कहते थे कि मुकेश फर्जी है और वह वाकई में है ही नहीं. मैं बता नहीं सकती कि जब मैंने उसको पहली दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के बाहर देखा तो मुझे कैसा लगा'.
एड्रियाना के लिए भारत के छोटे से गांव में रहन आसान नहीं था. घर के अंदर ना तो टॉयलेट हैऔर ना ही दूसरी मूलभूत सुविधाएं. उन्होंने कहा, 'जब मैं पहली बार घर के अंदर दाखिल हुई तो हैरान रह गई. यहां लड़कियों पर ज्यादा पाबंदी है. महिलाओं को अपने तन को अच्छी तरह ढक कर रखना होता है. हम चूल्हे पर खाना बनाते हैं. हम बैल गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं. अगर मेरे घरवालों को पता चल जाए कि मैं कैसे रह रही हूं तो वे समझेंगे कि मैं पागल हो गई हूं. शुरुआत में तो बहुत दिक्कत आई, लेकिन मुझे जल्द ही एहसास हो गया कि खुश रहने के लिए फैन्सी टॉयलेट या शावर की जरूरत नहीं'.
एड्रियाना कहती हैं कि उन्हें गांववालों ने दिल से स्वीकार किया है. उनके मुताबिक, 'पहले तो वे मुझे किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं समझते थे, लेकिन अब अपने जैसा ही मानते हैं. अब मैं उन्हीं के जैसे तैयार होती हूं और थोड़ी-थोड़ी हिंदी भी बोल लेती हूं'.
मुकेश और एड्रियाना की शादी नवंबर 2013 में पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ हुई. मुकेश टूटी-फूटी अंग्रेजी बोल लेते हैं और उनका कहना है, 'एड्रियाना एक अच्छी पत्नी हैं'. वो हमेशा घर के कामों में लगी रहती हैं और जब मेरी मां बर्तन धोती है वो कहती हैं, 'नहीं मैं करूंगी. ये मेरा काम है'. मैं एड्रियाना के साथ घर बसाकर बेहद खुश हूं. यह सच्चा प्यार है'.
अब दोनों अपना परिवार बढ़ाना चाहते हैं. हालांकि एड्रियाना वापस अमेरिका जाने की बात से इनकार नहीं करती हैं. उनका कहना है, 'मैं मुकेश के साथ अपना परिवार बढ़ाना चाहती हूं और मेरी सास तो चाहती हैं कि हमारे दो बच्चे हों. मैं यहां थोड़ा अमेरिका खाना और सुख-सुविधाएं लाना चाहती हूं. लेकिन एक दिन हम अपने परिवार के साथ अमेरिका वापस जाना चाहेंगे. भारत के लोग बहुत स्नेही हैं और यह मेरा दूसरा घर है'.